विपक्ष का सदन में हंगामा

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सदन में गूंजा गैरसैंण स्थायी राजधानी का मुददा
सड़क पर यूकेडी एवं आंदोलनकारियों ने लगाया जाम
विधानसभा कूच करने जा रहे कार्यकताओं को रोका
नगर संवाददाता
देहरादून। भराडीसैंण गैरसैंण में प्रदेश सरकार का बजट सत्र के पहले ही दिन विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया और राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान ही कांग्रेस विधायक वेल में आ गये और वहां पर प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैंण को बनाये जाने की मांग करने लगे, वहीं दूसरी ओर यूकेडी कार्यकर्ताओं एवं आंदोलनकारियों ने सड़क पर जाम लगाकर गाडियों के काफिले को रोका, इस बीच पुलिस व दल के कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोंकझोंक हुई तथा बाद में पुलिस ने जाम लगा रहे कार्यकर्ताओं व ग्रामीणों को वहां से हटा दिया। दूसरी ओर आंदोलनकारियों ने बैरीकैडिंग को भी तोड़ डाला।
यहां भराडीसैंण गैरसैंण में आहूत बजट सत्र का पहला दिन हंगामेदार रहा। विपक्ष ने राज्यपाल डा. के के पाल ने जैसे ही अपना अभिभाषण पढ़ना शुरू किया तो कांग्रेस सदस्यों ने प्रदेश की स्थायी राजधानी गैरसैंण को बनाये जाने की मांग को लेकर वेल में पहंुच गये और वहां पर हंगामा शुरू कर दिया। हंगामें के दौरान ही राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पढ़ा। इस दौरान गैरसैंण विधानसभा बजट सत्र राज्यपाल के अभिभाषण में 35 बिंदुओं पर फोकस किया गया है।
राज्यपाल के अभिभाषण में गैरसैंण को दी गई प्राथमिकता और कहा कि भराड़ीसैंण गैरसैंण में मिनी सचिवालय के निर्माण के लिए 67.50 एकड़ भूमि हस्तान्तरित की कार्यवाही में तेजी लाई जायेगी। उनका कहना है कि उत्तराखंड में पारंपरिक खेती को बढ़ावा देने और सिंचाई से किसानों को लाभ पहुंचाने के लिए सकारात्मक पहल की जायेगी। उनका कहना है कि उत्तराखंड के युवाओं को रोजगार देने और परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किया जायेगा और मजबूत प्रशासनिक तंत्र को मजबूत पारदर्शी और जवाब दे बनाने की पहल की जायेगी।
उनका कहना है कि लोक सेवकों के लिए स्वच्छ एवं पारदर्शी स्थानांतरण होगा और नीति युवा वर्ग में विज्ञान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित करने का प्रयास कर उसका समाधान किया जायेगा। उनका कहना है कि पोर्टल के तहत स्मार्ट आईवीआर सिस्टम के माध्यम से शिकायतों को जल्द समाधान करने की पहल को प्राथमिकता दी जायेगी। आपदा से बचाव और राहत कार्यों को लेकर राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में प्रमुखता से रखी। उनका कहना है कि पारदर्शी आबकारी नीति के तहत जिले के स्थाई निवासियों को ही दुकानें आवंटित करने की पहल की गई है और राज्य स्तर पर उच्च कोटि की स्वास्थ्य सुविधा सुलभ कराने के लिए दुर्गम और दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराया जायेगा। राज्यपाल ने कहा कि राष्ट्रीय खाद्य योजना के तहत परिवारों को चयनित करते हुए 13 लाख 3 हजार राशनकार्डों को ऑनलाइन किया गया है।
उनका कहना है कि सरकार द्वारा विभिन्न विकास कार्यों का संपादन एवं ग्राम पंचायत क्षेत्र पंचायत और जिला पंचायतों के माध्यम से विकास के कार्यों को मूर्त रुप दिया जायेगा। 15 हजार आंगनवाड़ी केंद्रों एवं 5 हजार मिनी आंगनवाड़ी केंद्र पर टेक होम राशन की व्यवस्था तथा हर दिन स्कूल में उपस्थित होने वाले 3 से 6 साल के बच्चों को मार्निंग स्नैक्स एवं ताजा पका भोजन उपलब्ध कराने की पहल की जायेगी। वर्तमान में राज्य में 11 विश्वविद्यालयों एवं 18 अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों के संचालन में छात्र छात्राओं को निशुल्क बीमा योजना का लाभ मिल रहा है। उनका कहना है कि क्षेत्रीय भाषाओं को प्रोत्साहित करने का सरकार कार्य कर रही है। जीएसटी लागू करने में उत्तराखंड ने अग्रणी भूमिका निभाई है और उर्दू अकादमी एवं पंजाबी अकादमी द्वारा उत्कृष्ट पुरस्कार योजना सरकार संचालित कर रही है। वहीं विपक्षी सदस्य सदन में हंगामा करते रहे और राज्यपाल के अभिभाषण के बाद सदन को दोपहर तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया। वहीं दूसरी ओर गैरसैंण को स्थाई राजधानी बनाने की मांग तेज करते हुए यूकेडी कार्यकर्ताओं व आंदोलनकारियों ने प्रदर्शन कर विधानसभा कूच किया। सैंकड़ो की संख्या मे मौजूद कार्यकर्ताओं व आंदोलनकारियों गाडियों का काफिला रोक दिया और आंदोलनकारियों ने बैरीकैडिंग तोड़ दिये और राजधानी गैरसैंण को बनाये जाने के लिए जबरदस्त प्रदर्शन किया गया। इस बीच पुलिस व आंदोलनकारियों के बीच जमकर धक्का मुक्की भी हुई।

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