सेना की चौकसी में छेद

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गोलियां उडाने वाला गैंग दबोचा
सेना से हजारों राउंड चुराने पर मचा था बवाल
आखिर कैसे सेना से चुराई गोलियां?
देहरादून। उत्तराखण्ड की अस्थाई राजधानी में भारतीय सैन्य अकादमी पर हमेशा आतंक का साया मंडराता रहता है और जिस तरह से देश में सैन्य क्षेत्रों में दहशतगर्द आतंक मचा रहे हैं उससे देशभर में सेना के सभी इलाकों में हाई अलर्ट रहता है लेकिन हैरानी वाली बात है कि सेना में हाई अलर्ट होने के बावजूद भी एक इन्फेंट्री से हजारों राउंड खाली खोके व भरे हुए कारतूस उड़ा लिये गये। सैन्य क्षेत्र में घुसकर हजारों राउंड गोलियां चोरी किये जाने की घटना से सेना के बडे अफसरों की नींद उड़ी हुई थी और इस मामले में पुलिस थाने में मुकदमा भी दर्ज नहीं कराया गया था और इन गोलियों को चुराने वाले गैंग को पकडने के लिए एसओजी को मैदान में उतारा गया था। एसओजी टीम ने रात-दिन एक कर पटेलनगर से एक कबाडी को जब पूछताछ के लिए हिरासत में लिया तो खुलासा हो गया कि गोलियां चुराने वाले गैंग में पुरूष नहीं बल्कि महिलायें हैं जिसके चलते एसओजी गु्रप ने बडे नाटकीय ढंग से सैन्य क्षेत्र में घुसकर हजारों राउंड गोलियां चुराने वाली महिला गैंग की तीन सदस्यों को हजारों राउंड गोलियों सहित गिरफ्तार कर लिया और कैंट थाने में उनसे आईबी, इंटेलिजेंस, एलआईयू, सेना की खुफिया एजेंसी पूछताछ कर रही हैं।
विश्वस्त सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार विगत चार जनवरी को कैंट इलाके में एक इंफेंट्री से हजारों राउंड खाली व सैकडों राउंड जिंदा कारतूस चोरी हो गये थे। सेना के अफसरों ने इंफेंट्री से चोरी हुए कारतूसों की खबर पुलिस के आला अफसरों को दी और सेना पर उंगली न उठे इसलिए चोरी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस कप्तान ने सैन्य क्षेत्र से चुराई गई गोलियों को गम्भीरता से लेते हुए चोर गैंग को पकडने का टास्क एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट को सौंपा जिसके बाद एसओजी प्रभारी ने सर्विलांस व मैन्यूअल तरीके से अपनी जांच को आगे बढाने का काम किया और मुखबिरों का जाल बिछाकर चोर गैंग को तलाशने के लिए रात-दिन एक कर दिया। एसओजी प्रभारी पीडी भट्ट ने एक बार फिर पुलिस महकमें में अपना सिक्का दिखाया और सबसे पहले पटेल नगर से एक कबाडी को संदेह के आधार पर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। चर्चा है कि कबाडी के पास सैन्य क्षेत्र से चुराये गये कारतूस बरामद हुए हैं। कबाडी से जब कडी पूछताछ की गई तो उसने राज उगला कि यह गोलियां खुडबुडा इलाके की तीन महिलाओं ने चुराई थी और उसे बेचा था। कबाडी से पूछताछ करने के बाद एसओजी प्रभारी ने अपनी टीम के साथ आज सुबह खुडबुडा इलाके से चोर गैंग की तीन महिलाओं को दबोच लिया और उनसे जब कैंट थाने में पूछताछ की तो उन्होंने पुलिस के सामने कई सनसनीखेज राज उजागर किये जिसको लेकर आईबी, इंटेलीजेंस, एलआईयू व सेना के खुफिया एजेंसी पकडे गये गैंग से पूछताछ कर रही हैं।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पकडी गई गैंग की सदस्य सीमा पत्नी रंजित साहनी मूल रूप से जिला मुजफ्फरपुर बिहार की रहने वाली हैं और मौजूदा समय में वह लक्ष्मण चौकी क्षेत्र के कांवली में रह रही थी। बताया जा रहा है कि उसने खुलासा किया कि वह बचपन से कांवली रोड में रह रही थी। बताया जा रहा है कि सीमा ने खुलासा किया कि दो व तीन जनवरी को एक इंफेंट्री से गोलियां चोरी की थी और यह गोलियां जीएमएस रोड़ निवासी मुस्तकीम को बेची थी जिसमें उसे ढाई हजार रूपये मिले थे। इस गैंग की दूसरी सदस्य शिव कुमारी निवासी मुजफ्फरपुर बिहार जो कि मौजूदा समय में कांवली रोड में पुलिस चौकी के पास रहती है और उसके तीन बच्चे हैं जबकि इनकी एक साथी पिंकी को भी पकडा है जो कि नौ महीने से कांवली रोड में रहती है। पुलिस व खुफिया एजेंसियों के लिए यह पता लगाना अब बहुत बडी चुनौती हो गया है कि आखिरकार इस गैंग ने कैसे एक इंफेंट्री से यह कारतूस चुराये थे।

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