प्रकाश पांडे की मौत से डरी सरकार!

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ट्रांसपोर्टर पांडेय के परिजनों को सरकारी मद्द
मद्द के बाद हुआ अंतिम संस्कार, हल्द्वानी में बाजार बंद
नैनीताल। नोटबंदी और जीएसटी से परेशान, सरकार में सुनवाई न होने की वजह से कृषि मंत्री सुबोध उनियाल के जनता दरबार में जहर खाकर पहुंचने वाले ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे का के परिजनों ने शव का अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया था लेकिन सरकार के मुखिया ने जब परिजनों को मुआवजा व परिवार के सदस्य को नौकरी देने की बात कही तो परिवार के लोग प्रकाश पांडे का अंतिम संस्कार करने के लिए तैयार हुये। वहीं प्रकाश पांडे की मौत से नाराज व्यापर मंडल ने हल्द्वानी बाजार बंद रखा और कांग्रेसी नेताओं ने जलूस निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और जीएसटी के दिख रहे प्रभाव को लेकर पुतला भी फूंका गया।
बता दें कि प्रकाश पांडे का पार्थिव शरीर रात करीब ढाई बजे काठगोदाम स्थित आवास पर पहुंचा। पुलिस फोर्स की पर्याप्त मौजूदगी के बीच शव घर पर पहुचते ही पत्नी कमला पांडे, मां देवकी देवी और बच्चे मोहित और भूमि प्रकाश के बेजान हो चुके शरीर से लिपटकर बार-बार उन्हें बुलाने लगे। करुण क्रंदन से माहौल बेहद गमगीन हो गया। पांडे के परिजनों ने सरकार के लिखित आश्वासन के बगैर अंतिम संस्कार से इन्कार कर दिया था। एसएसपी जन्मेजय खंडूरी एवं डीएम दीपेंद्र चौधरी स्थिति पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए रात में ही हल्द्वानी पहुंच गए थे। इस मामले में कांग्रेस एवं व्यापारिक संगठन राज्य सरकार पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए बाजार बंद रखने का ऐलान कल ही कर चुके थे। हल्द्वानी में आज सुबह से ही दुकानों के ताले नहीं खुले है।
इधर तड़के से ही प्रकाश पांडे घर के पर लोग भी पहुंचने लगे है। शोकाकुल परिजनों ने आरोप लगाया कि जनता दरबार में प्रकाश की बात नहीं सुनी गई। उन्हें बाहर धकेलने को कहा गया। पति जहर खा चुके थे और वहां 108 का इंतजार होता रहा।शोकाकुल पत्नी कमला पांडे ने परिवार और बच्चों के लिए सरकार की ओर से आर्थिक सहायता का लिखित आश्वासन न मिलने पर शव ना उठने देने की बात कह दी। मृतक ट्रांसपोर्टर व्यापारी प्रकाश पांडेय के आवास पर नेता प्रतिपक्ष और स्थानीय विधायक डॉ. इंदिरा हृदयेश भी पहुंची। उन्होंने परिजनों को सांत्वना देते हुए ढांढस बंधाया। वहां मौजूद डीएम दीपेंद्र चौधरी व एसएसपी से उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि पांडे की पत्नी को सरकारी नौकरी व आर्थिक सहायता दिए जाने के बावत सीएम से उन्होंने भी आग्रह किया था, लेकिन सरकार की ओर से अभी कोई आश्वासन नही दिया गया।उन्होंने कहा कि कारोबार न चलने व कर्ज से परेशान होकर प्रकाश ने आत्महत्या जैसा कदम उठाया है। नोटबंदी ने ली एक और व्यापारी की जान ,सरकार के फैसलों पर सवालियां निशान काठगोदाम क्षेत्र में बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा वहीं हल्द्वानी शहर के प्रमुख बाजारों में अधिकांश दुकानें बंद हैं। सदर बाजार, मीरा मार्ग, साहूकारा लाइन, मंगलपडाव में दुकाने बन्द हैं। कालाढूंगी मार्ग, बरेली रोड और मुखानी में ज्यादातर दुकानें खुली हैं। व्यापारियों की टोली बाजार बंद करा रही है। ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडेय की मौत पर व्यापारिक संगठनों की ओर से किये बाजार बंद का आंशिक असर दिख रहा है। काठगोदाम क्षेत्र में बाजार पूर्ण रूप से बंद रहा।

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