अब हत्यारी भी बनी सरकार!

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मंत्री दरबार में जहर खाने वाले ट्रांसपोर्टर की मौत
निष्ठुर सरकार ने प्रकाश पांडे की ले ली जान?
देहरादून। उत्तराखण्ड में पिछले नौ माह से राज्य में राज कर रही सरकार अपने आपको पाक-साफ साबित करने के लिए ऐलान कर चुकी है कि वह राज्य में लोकायुक्त का गठन नहीं करेगी क्योंकि प्रदेश में सब काम ईमानदारी से चल रहा है। भ्रष्टाचारियों के खिलाफ कराई गई जांच के बाद उन पर कार्यवाही न करने का सरकार पर बार-बार दाग अभी लग ही रहा था कि चंद दिन पूर्व मंत्री दरबार में नैनीताल के एक ट्रांसपोर्टर ने जहर खा लिया और उसके बाद उसे दरबार से ऐसे खदेडा गया मानो उसने कितना बडा अपराध कर दिया हो? निष्ठुर सरकार ने जिस तरह से एक ट्रांसपोर्टर की जान ली है उससे अब उस पर हत्यारी सरकार होने का भी दाग लग गया है? निकाय चुनाव से पूर्व जिस तरह से एक ट्रांसपोर्टर को त्रिवेन्द्र सरकार की हठधर्मिता के चलते मौत की नींद सोना पडा उसका खामियाजा सरकार को निकाय व 2019 के चुनाव में भी भुगतना पड़ सकता है।
देश में नोटबंदी के बाद पहली बार ऐसा देखने को मिला जब किसी व्यापारी ने कर्ज के बोझ के तले दबने से आहत होकर जहर खाकर हमेशा के लिए मौत को गले लगा लिया। हुआ यूं कि चंद दिन पूर्व भाजपा प्रदेश कार्यालय में जब कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का जनता दरबार चल रहा था तभी हल्द्वानी के ट्रांसपोर्टर प्रकाश पांडे ने जहर की पुडिया मंत्री के सामने रखकर राज्य के मुखिया को खूब कोसा और कहा कि उसने जहर खा लिया है। प्रकाश पांडे की इस बात को सुनकर मौके पर मौजूद कुछ लोग यही कहते रहे कि ट्रांसपोर्टर ड्रामा कर रहा है जिसको लेकर प्रकाश पांडे ने भी कहा था कि उसे कहा जा रहा है कि वह ड्रामा कर रहा है लेकिन उसने नोटबंदी से हो रहे नुकसान के चलते जहर खा लिया है। प्रकाश पांडे के जहर खाने के बाद कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर राजनीतिक हमले तेज किये और इसी बीच प्रकाश पांडे का एक वीडियो सामने आया जिसमें उसने मुख्यमंत्री के ओएसडी उर्वादत्त भट्ट को कठघरे में खडा किया और कहा कि उसकी लगातार चार-पांच माह से उर्वादत्त भट्ट से बातचीत चल रही थी और ओएसडी ने उसे कहा कि अगर वह बीपीएल कार्ड ले आयेगा तो उसे चालीस-पचास हजार रूपये की मद्द कर दी जायेगी। प्रकाश पांडे ने ओएसडी के इस कथन पर अपनी नाराजगी दिखाई और कहा कि वह टैक्सपैड इंसान है और वह इतना चाहता है कि उसका जो पैसा विभागों में फंसा है वह उसे मिल जाये। प्रकाश पांडे ने जिस तरह से नोटबंदी को लेकर देश के प्रधानमंत्री व उत्तराखण्ड सरकार के मुखिया पर आरोप लगाये उससे अब यह मामला एक बडा रूप ले सकता है। प्रकाश पांडे का यह कहना कि भाजपा सरकार दुबारा नहीं आनी चाहिए यह भाजपा के लिए शुभ संकेत नहीं है और निकाय चुनाव से पूर्व नोटबंदी को लेकर एक ट्रांसपोर्टर द्वारा जहर खाकर जान देना त्रिवेन्द्र सरकार के लिए खतरे की घंटी हो सकता है? प्रकाश पांडे की मौत की खबर सुनते ही कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष प्रीतम सिंह व कुछ और कांग्रेसी नेता भी मैक्स अस्पताल पहुंचे और उन्होंने प्रकाश पांडे की मौत के लिए त्रिवेन्द्र सरकार को सीधे जिम्मेदार बताया। अब प्रकाश पांडे की मौत को लेकर राज्य में एक नया भूचाल देखने को मिल सकता है?

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