निकाय चुनाव में भाजपा को भुगतना पड़ सकता है जहर का खामियाजा!

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देहरादून। देश में नोटबंदी के चलते विपक्षी दल हमेशा भाजपा की घेराबंदी करते रहते थे लेकिन केन्द्र व राज्य सरकार दम भरती रहती थी कि नोटबंदी से प्रदेश ऊँचाईंयों पर पहुंचा है लेकिन बीते रोज जिस तरह से नोटबंदी से आहत नैनीताल के एक ट्रांसपोटर ने भाजपा प्रदेश मुख्यालय में मंत्री के जनता दरबार में मौत को गले लगाने के लिए जहर खा लिया वह सरकार पर भी एक बडा ग्रहण लगा गया और उसके चलते यह बहस भी शुरू हो गई कि नोटबंदी का असर अब ट्रांसपोटर व व्यापारियों में देखने को मिलने लगा है। हल्द्वानी के ट्रांसपोटर ने जिस तरह से जनता दरबार में सरकार के मुखिया को कटघरे में खडा करते हुए अपनी भडास निकाली उसको लेकर अब यह आशंकायें भी पनपने लगी है कि आने वाले निकाय चुनाव में भाजपा को इस जहर का खामियाजा भुगतना पड सकता है? यही कारण है कि भाजपा के कुछ बडे नेता भी जहर पर हो रही राजनीति को लेकर उसकी काट खोलने के लिए आगे आ रहे हैं।
उल्लेखनीय है कि बीते रोज भाजपा प्रदेश मुख्यालय में कृषि मंत्री सुबोध उनियाल का जनता दरबार सजा हुआ था तभी हल्द्वानी का ट्रांसपोटर प्रकाश पांडे वहां पहुंच गया और उसने मंत्री के सामने सरकार के मुखिया पर खूब भडास निकाली और देश के प्रधानमंत्री पर भी नोटबंदी को लेकर अपनी नाराजगी दिखाई। मंत्री के सामने जैसे ही प्रकाश पांडे ने खुलासा किया कि उसने जहर खा लिया है तो मंत्री व मंच पर बैठे राजनेताओं के पैरों तले जमीन खिसक गई और सबसे पहले भाजपा नेताओं ने जहर खाने वाले ट्रांसपोटर को भाजपा प्रदेश कार्यालय से बाहर कर उसे वहीं चौखट पर बिठा दिया। ट्रांसपोटर द्वारा जिस तरह से अपना दर्द बयां करते हुए खत लिखा गया कि वह नोटबंदी के बाद से इतना बर्बाद हो चुका है कि उसके पास मौजूद ट्रक व डंपर की वह किस्त नहीं देे पा रहा। प्रकाश पंाडे द्वारा जहर खा लिये जाने से सरकार कटघरे में आकर खडा हो गई क्योंकि पहले से ही सरकार पर आरोप लगते रहे हैं कि उसके कार्यकाल में कर्जदार कुछ किसान आत्महत्या कर चुके हैं और सरकार इस ओर कोई ध्यान नहीं दे पाई है।निकाय चुनाव से पूर्व जिस तरह से एक ट्रांसपोटर ने नोटबंदी से आहत होकर मंत्री के जनता दरबार में जहर खाया है वह भाजपा के लिए आने वाले निकाय चुनाव में बडा घातक हो सकता है और उसे इस जहर का खामियाजा भी उठाना पड सकता है क्योंकि राज्य में विकास का पहिया पूरी तरह से ठप्प पडा हुआ है और सरकार राज्य में कोई भी जनहित का कार्य करती हुई दिखाई नहीं दे रही है। इतना ही नहीं आवाम से किये गये सभी वायदों पर सरकार मुकरती हुई दिखाई दे रही है जिससे राज्यवासियों के मन में डबल इंजन की सरकार को लेकर बडी नाराजगी है और यह नाराजगी निकाय चुनाव में भाजपा को अगर देखने को मिल गई तो 2019 में होने वाले लोकसभा चुनाव में भाजपा के सामने प्रदेश की पांचो लोकसभा सीटों को जीतना एक बहुत बडी चुनौती हो जायेगा।

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