गुरुपूर्व के नगर कीर्तन के बीच रंजिश के चलते खूनी ताडंव

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कीर्तन में दो गुटों के बीच गोलियां, तलवारें चली
दो की मौके पर मौत, आधा दर्जन घायल
पुलिस-खुफिया तंत्र पूरी तरह से फेल
हर्ष तनेजा
उधमसिंहनगर। सितारगंज में आज शांतिपूर्ण तरीके से गुरु गोविंद सिंह का नगर कीर्तन चल रहा था इसी बीच जमीन को लेकर चली आ रही पुरानी रंजिश को लेकर दो गुटों के बीच गोलियां चल गई और वहां ऐसा खूनी तांडव मचने लगा कि आपस में तलवारों से भी जंग हुई और नगर कीर्तन में आनन-फानन में भगदड़ मच गई तथा मौके पर मौजूद पुलिस व खुफिया तंत्र का सारा नेटवर्क तार-तार हो गया और इस खूनी जंग में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई और आधा दर्जन से अधिक घायल हो गये। चर्चा है कि कुछ मीडियाकर्मियों के कैमरे भी कवरेज के दौरान टूट गये। दिन दहाडे हुए इस खूनी तांडव से पूरे शहर में तनाव का माहौल है हर जगह अफरा-तफरी मची हुई है। आशंका यहां तक व्यक्त की जा रही है कि पुलिस पर भी हमला करने की कोशिश की गई लेकिन सबसे बडा सवाल खुफिया व पुलिस तंत्र पर है जिसे इस बात का इल्म था कि कुछ वर्ष पूर्व दोनो गुटों में एक बार खूनी संघर्ष हुआ था और गोलीबारी में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी तो पुलिस प्रशासन ने इस नगर कीर्तन को लेकर अपनी पूरी चौकसी क्यों नहीं की थी?
उल्लेखनीय है कि दो-तीन वर्ष पूर्व सितारगंज में हाई-वे के पास जमीन के विवाद को लेकर दो गुटों के बीच गोलियां चली थी जिसमें एक व्यक्ति की मौत भी हुई थी और यह खूनी संघर्ष पुलिस के लिए हमेशा चुनौती बना हुआ था। बताया जा रहा है कि सोनू उर्फ गुरमुख सिंह निवासी जनता फार्म का दडा फार्म निवासी हरजीत सिंह के साथ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था और पूर्व में भी जनता फार्म का एक व्यक्ति गोली लगने से मौत के मुंह में चला गया था। सूत्रों के अनुसार आज सुबह गुरु गोविंद सिंह के पर्व पर शहर में नगर कीर्तन चल रहा था और सोनू उर्फ गुरमुख सिंह अपने परिवार के साथ नगर कीर्तन देख रहा था तभी उसका सामना हरजीत सिंह से हो गया और वहां दोनो के बीच एक बार फिर इतना विवाद हो गया कि दोनो में तलवारें चलनी शुरू हो गई इसी बीच नगर कीर्तन में भगदड़ मच गई और आनन-फानन में आकाश में गोलियांे की दडदडाहट से इलाका थर्रारा गया और दोनो पक्ष एक दूसरे पर गोलियां दागने लगे बताया जा रहा है कि सोनू उर्फ गुरमुख सिंह की गोलियां लगने से मौत हो गई और एक अन्य भी गोलियां लगने से मौत की नींद सो गया। इतना ही नहीं तलवारबाजी व गोलियां लगने से आधा दर्जन लोग घायल हो गये। दिन दहाडे मंडी चौक पर हुये इस खूनी तांडव से इलाके में तनाव बढ़ गया और पुलिस तथा खुफिया विभाग भी आनन-फानन में मौके पर पहुंच गया तथा जनपद की अधिकांश पुलिस ने इस खूनी तांडव से मचे तनाव को कम करने के लिए मौके पर डेरा डाला। चर्चा यहां तक है कि पत्रकारों के कैमरे छीने गये और कुछ पुलिस अफसरों से भी गाली-गलौच तक की गई जिससे पूरे इलाके में कर्फ्यू जैसा माहौल बन गया और यह बात उठी कि अगर पुलिस को सबकुछ पहले से पता था तो उसने सुरक्षा की दृष्टि से नगर कीर्तन में ज्यादा फोर्स लगाने के लिए क्यों आदेश नहीं दिये थे? उधमसिंह नगर के सितारगंज में जिस तरह से नगर कीर्तन में गोलियों की बौछार व तलवारबाजी से दो की मौत व आधा दर्जन घायल हुए हैं उससे सरकार के सामने भी एक बडा संकट आकर खडा हो गया है कि आखिरकार नगर कीर्तन में इतना बडा तांडव हुआ तो पुलिस प्रशासन व खुफिया तंत्र कहां सोया हुआ था?

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