पुलिस पर माफियाओं का हमला

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खनन माफिया उत्तराखण्ड में कर रहे तांडव
सरकार सफेद सोना लूटते देख भी खामोश
खनन ट्राली छुडवाकर पथराव व फायरिंग
जब खाकी ही नहीं है सुरक्षित तो आवाम कैसे सोऐगी चैन की नींद?
उधमसिंहनगर। उत्तराखण्ड सरकार नदियों में अपना सफेद सोना आये दिन लूटते देख भी पूरी तरह से खामोश है और वह खनन माफियाओं पर बडी कार्यवाही तो क्या तिनकाभर भी कार्यवाही करने के लिए कोई जज्बा नजर नहीं आ रहा जिसके चलते आये दिन नदियों से सरकार का सफेद खजाना लूट-लूटकर खनन माफियाओं का सिंडिकेट अपना खजाना भरने में लगा हुआ है। राज्य में खनन माफियाओं के खिलाफ एक मात्र बनी माइनिंग विजिलेंस सेल को खत्म कर आखिरकार सरकार ने किसके लिए अवैध खनन करने के रास्ते खोले हैं यह अब उसकी मंशा पर भी बडे सवाल खडे कर रहा है। खनन माफियाओं के हौंसले इतने बुलंद हो गये हैं कि उधमसिंहनगर के आईटीआई थाने की पुलिस जब अवैध खनन की ट्रैक्टर-ट्राली पकडकर उसे ले जा रहे थे तो निडर खनन माफियाओं ने पुलिस टीम पर पथराव करने के बाद हवा में गोलियां दागी और ट्रैक्टर-ट्राली छुडवाकर भाग खडे हुए थे इस फायरिंग में चर्चा है कि एक दरोगा सहित कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की बात सामने आई है। खनन माफियाओं के आगे पुलिस कितनी बौनी हो चुकी है यह इस बात से ही साफ हो गया जिस तरह से खनन माफियाओं ने पुलिस टीम पर पथराव व हवा फायरिंग कर उसे अपनी दबंगता दिखाने का भौकाल का एहसास कराया है। इस वारदात के बाद पुलिस ने कई स्थानों पर छापे मारे और आधा दर्जन हमलावरों को हिरासत में भी लिया है। पुलिस ने इसी बीच चार-पांच ट्रैक्टर-ट्रालियों को सीज भी किया है लेकिन सबसे बडा सवाल यही है कि आखिरकार खनन माफियाओं के पीछे ऐसा कौन सा सिंडिकेट है जो कि उन्हें राज्य की नदियों में सफेद सोना लूटने का खुला मौका दे रहा है। पुलिसकर्मियों को जिस तरह से खनन माफियाओं ने दुसाहसिक ढंग से मारने का तांडव किया है वह सरकार के लिए भी शर्म की बात है?
जनपद यूएस नगर में जहां पहले से ही अपराधी कई वारदात को अंजाम दे पुलिस के लिये सरदर्द बने हुये है और जिस तरह से विभिन्न षहरों में आये दिन चोरी, लूट की वारदात को अंजाम दे आवाम पर अपने जुल्मों का चाबूक चला खौफ का माहौल पैदा किया हुआ है अभी आवाम उस खौफ से बाहर भी नहीं आई थी कि जिस तरह से बेखौफ खनन माफियाओं ने पुलिस टीम पर जानलेवा हमला बोला और जमकर तांड़व किया उसको देख सुन पूरा प्रदेश हिला गया है और इस हमले की गूंज नैनीताल से लेकर देहरादून तक सुनाई देने लगी है और चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है कि जब साहब पुलिस ही सुरक्षित नहीं है तो आवाम आखिर कैसे चैन की नींद सोऐगी ? जनपद में स्थित आईटीआई थाना व कुण्डेश्वरी रिपोटिंग पुलिस चौकी की सीमा पर स्थित कोसी नदी से अवैध खनन में लिप्त वाहनों को पुलिस पकड़ कर लेकर जा रही थी कि अचानक अवैध खनन माफियाओं ने पुलिस टीम पर हमला बोल दिया, हमलावर इस कदर बेलगाम हो चुके थे कि उनको खाकी का तिनका भी डर नहीं था, न सिर्फ उन्होंने पुलिस टीम पर पथराव किया बल्कि अंधाधुध हवाई फायरिंग भी कर डाली, जिसके जबाव में पुलिस ने मोर्चा सम्भाला और उन्होंने भी जवाबी फायरिंग की। इस पूरे हमले में एक एसआई समेत तीन अन्य पुलिस कर्मी घायल हो गये। जैसे ही गोली बारी की घटना की सूचना पुलिस के आला अफसरों तक पहुंची तो सब हैरान हो गये और उसके बाद हमलावरों की धर-पकड़ की कार्यवाही को अंजाम दिया गया। इतने बड़े हमले ने अपने पीछे कई सवाल छोड़ दिये जिनका जवाब कौन देगा ये अपने आप मे एक सबसे बड़ा सवाल बना हुआ है। जिस तरह से पुलिस पर हमला हुआ उसने लॉ एण्ड ऑडर को सवालों की मझदार में लाकर खड़ा कर दिया है। बताया जा रहा है कि पुलिस ने कई हमलावरों को पकड़ लिया है और कई लोगों के खिलाफ मुकदमा भी दर्ज किया गया है, घायल पुलिस वालों में एसआई योगेश दत्त, कांस्टेबल अरविंद चौधरी, मनोज देबड़ी व चेतन चौहान है। पुलिस को अवैध खनन की शिकायत मिल रही थी जिस पर पुलिस ने देरा रात छापेमारी की कार्यवाही को अंजाम दिया था। पुलिस ने कोसी नदी के घाटों बेगमावाद, अजीतपुर, परमानन्दपुर, मुंकुदपुर में अवैध खनन कारोबारियों के खिलाफ छापेमारी की कार्यवाही की थी।

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