सीएम इलाके में माफिया राज!

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नदियों का सीना चीर रहे खनन माफिया
कहां सो रहा खनन-पुलिस महकमा
पवन सिंघल
देहरादून/डोईवाला। कितना बडा मजाक है कि खनन माफियाओं में सरकार के मुखिया का तिनकाभर भी खौफ नहीं है यही कारण है कि वह सीएम इलाके की नदियों में खुलकर अवैध खनन का तांडव कर रहे हैं और उन पर नकेल लगाने के लिए न तो खनन महकमा आगे आ रहा है और न ही पुलिस महकमा इन माफियाओं पर डंडा चलाने के लिए तैयार है जिसके चलते दिन निकलते ही खनन माफियाओं के गुर्गे मजदूरों को नदियों में उतारकर उन्हें अवैध खनन कराने में जुट जाते हैं और जिस तेजी के साथ नदियों में अवैध खनन हो रहा है वह सरकार की कार्यशैली पर बडा सवाल खडा कर रहा है कि आखिरकार खनन माफियाओं के पीछे कौन सफेदपोश खडे हुए हैं जिनके चलते सरकार खनन माफियाओं पर हुंकारने के लिए आगे ही नहीं आना चाहती?
उल्लेखनीय है कि खनन माफियाओं पर नकेल लगाने के लिए पूर्व कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में माईनिंग विजिलेंस सेल का गठन किया गया था और इस सेल ने राजधानी से लेकर उधमसिंहनगर तक में खनन माफियाओं पर चाबुक चलाकर करोडों रूपये का राजस्व एकत्र किया था। भाजपा शासनकाल में इस माईनिंग विजिलेंस सेल को किसके इशारे पर समाप्त कर दिया गया यह एक बडा सवाल राज्य की उस जनता के सामने गूंज रहा है जो खनन माफियाओं पर नकेल लगाने का सपना देख रहे थे? कितनी हैरानी वाली बात है कि सरकार माफियाओं पर नकेल लगाने के तो खूब दावे कर रही है लेकिन धरातल पर माफियाओं पर नकेल लगाना उसके बस से बाहर नजर आ रहा है? गजब बात तो यह है कि सरकार के मुखिया के इलाके में ही खनन माफिया इतने बेखौफ हो चुके हैं कि उन्हें यह भय नहीं है कि वह मुख्यमंत्री के इलाके में अवैध खनन का काला कारोबार करने का दुस्साहस कर रहे हैं। खनन पर नकेल लगाने के लिए खनन विभाग मौजूद है और इलाके की पुलिस भी हमेशा खनन माफियाओं पर नकेल लगाने के लिए आगे दिखाई देती रही है लेकिन अब ऐसा क्या हो रहा है कि डोईवाला के सौंग नदी और समाज भूमि पर अवैध खनन का काला कारोबार तेजी से चल रहा है हालांकि कभी-कभी पुलिस खनन से भरे वाहनों पर नकेल भी लगाती है लेकिन सवाल यह है कि आखिरकार खनन माफिया इतने दबंग कैसे हो रहे हैं कि वह मुख्यमंत्री के इलाके में ही अवैध खनन का काला कारोबार करने से पीछे नहीं हट रहे।

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