झूठ पर ही निर्भर हो चुका सामाजिक जीवनः अनुज सागर

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देहरादून। जैन पंचायती मंदिर गांधी रोड पर पर्युषण पर्व के चौथे दिन सुबह से मंदिर में भगवान की पूजन अर्चना बड़ी भक्ति भाव से की गई सभी भक्तों ने बड़े मनोभाव से श्री जी का अभिषेक किया। आज का चौथा धर्म उत्तम सत्य धर्म इसके बाद मुनि अनुज सागर महाराज ने आज के चौथे धर्म उत्तम सत्य धर्म पर प्रवचन करते हुए कहा कि आज का सामाजिक जीवन अधिकतर झूठ पर ही निर्भर हो चुका है। कहीं भी और कोई भी सत्य के मार्ग पर नही चलना चाहता यदि आप सच न बोल पाओ तो मौन ही हो जाओ कम से कम झूठ नही बोल पाओंगे।
यहां गांधी रोड स्थित जैन धर्मशाला में आयोजित महापर्व में मुनि अनुज सागर महाराज ने कहा कि सत्य धर्म आत्मा का स्वरूप ही इसे पहचानों और सत्य के मार्ग पर चलो तभी हम इन दस दिनों में मोक्ष मार्ग की और बढ़ पाएंगे अपितु इन्ही चोरसी लाख योनियों में भृमण करते रहेंगे। हमे सत्य के साथ साथ मीठा व मृदुल भी बोलना चाहिए।
शाम के समय सभी मंदिरों में सामूहिक आरती की गई उसके बाद श्री वर्णी जैन इंटर कॉलेज देहरादून की और से एक रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम हुआ जिसमें सबसे पहले बच्चों ने णमोकार मंत्र की आराधना की व अथितियों के लिए स्वागत गीत भी प्रस्तुत किया। बच्चांे ने एक नाटक का बहुत ही खूबसूरत मंचन भी किया जियो और जीने दो
जिसमे उन्होंने दिखाया दो भाई होते है एक हिंसक दूसरा अहिंसक हिंसक वाला हमेशा जीव जंतुओं को मारकर खाता है और अपने छोटे भाई को भी कहता है पर वह मना कर देता है कि मुझे ये सब अच्छा नही लगता आप खुद भी जियो और इन लाचार जानवरो को भी जीने दो पर बड़ा भाई ये सब करता रहता है।
नाटक में दिखाया गया कि एक दिन जंगल मे जैन मुनि आते है तो छोटा भाई अपने बड़े भाई को उनके पास लेकर जाता है, तो उसी रात हिंसक वाले बड़े भाई को सपना आता है। कि उसका छोटा भाई एक हिरण के रुप में हैं दिखता हैं और वो उसको मारकर खा रहा है। फिर उसकी आँखें खुलती हैं और वो रोने लगता है तभी वो नियम लेता है कि में अब किसी जीव की हिंसा नही करूँगा। इस नाटक में भाग लेने वाले बच्चे कर्ण लखन व हिमांशु आदि शामिल थे। इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुनील जैन चेयरमैन तुलाज इंस्टीट्यूट रहे।

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