कावंड़िए कल करेंगे शिव का जलाभिषेक

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कांवड़िए शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे से शिवालयों में गंगाजल से भगवान शिव का करेंगे जलाभिषेक
शहर, कस्बो व गांव के सभी शिवालयों में तैयारी पूरी, सेवादार व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में लगे
अमित कुमार श्रीवास्तव
रूड़की। कांवड़िए शुक्रवार की सुबह करीब साढ़े चार बजे से शिवालयों में गंगाजल से भगवान शिव का जलाभिषेक करेंगे। इसके लिए शहर,कस्बों व गांव के सभी शिवालयों में तैयारी पूरी कर ली गई है। मंदिरों में लगने वाली कतार की व्यवस्था और मंदिर रोशनी से सजाए गए हैं। हरिद्वार से गंगाजल लेकर आने वाले कांवड़िए अब अपने गन्तव्य की ओर तेजी से आगे बढ़ रहे हैं। इसके चलते कांवड़ियों के सेवा शिविरों में दिन में कम समय के लिए ही कांवड़िए विश्राम करते हैं। कांवड़ियों का राष्ट्रीय राजमार्ग और बाइपास से गुजरना लगातार जारी है। उनके विश्राम के लिए बाईपास और गंगनहर के किनारे कांवड़िया सेवा शिविर लगाए गए हैं। गेरुए रंग के कपड़े पहने श्रद्धालु हरिद्वार से गंगाजल से भरी कांवड़ कंधे पर धरे बम बम भोले के जयकारों के बीच अपनी मंजिल पर आगे बढ़ते जाते हैं। कांवड़ियों को कोई दिक्कत नहीं हो इसके लिए हाईवे पर पुलिस के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। शौचालयों और पेयजल का इंतजाम किया है। शिविरों का माहौल पूरी तरह से शिवमय है। शिविरों में कांविड़यों के लिए नाश्ता, भोजन, चाय और चिकित्सा के इंतजाम किए गए हैं। भोले-भंडारी के फिल्मी गीतों की तर्ज पर श्रद्धालु जमकर नृत्य कर रहे हैं। शिविर में मानसिक शांति के लिए पूजा-अर्चना के अलावा संगीतमयी कीर्तंन का भी इंतजाम किया गया है। कांवडियों में महिलाएं और छोटे बच्चे भी शामिल हैं। पूरी कावड़ यात्रा सेवा शिविर का संचालन कर रहे हैं आदेश सैनी, चौधरी धीर सिंह ,गौरव गोयल ,समर्पण संगठन के अध्यक्ष नरेश यादव, देश बंधू सैनी , अनिल गुप्ता अजय सिंघल आदि ने बताया कई वर्षो से शिविर आयोजित कर रहे है। हर साल शिविर में कुछ न कुछ नया किया जाता है। इस बार भी खड़ी कांवड़ के लिए संगठन के स्वयंसेवकों की टोली शिविर में मौजूद है। कांवड़ियों के नहाने, आराम करने, नाश्ता, भोजन का और चिकित्सा का हर समय इंतजाम किया गया। अब कल से हाईवे वाले सभी मार्गों पर डाक कांवड़ियों का हरिद्वार से गंगा जल लाने का सिलसिला जारी है। शहर व क्षेत्र से करीब 500 डाक कांवड़ के लिए युवाओं की टोलियां आज रवाना हुई। कुछ कांवड़िए हरिद्वार गए तो कुछ लोग वापस आ गए। मंदिर में जलाभिषेक की तैयारी पूरी कर ली गई हैं। ज्योतिषाचार्य पंडित रमेश सेमवाल के मुताबिक कांवड़ यात्रा गुरु पूर्णिमा नौ जुलाई से शुरू हुई और 21 जुलाई में प्रदोष की रात्रि को जल चढ़ेगा। शुक्रवार को त्रियोदशी का होना ही विशेष है। शिवालयों में शुक्रवार को सुबह 4.30 बजे से जलाभिषेक के लिए शुभमुर्हत है। सबसे पहले कांवड़िए मंदिरों में लाए गए गंगाजल से जलाभिषेक करेंगे। शिवरात्रि को लेकर कावड़ियों में भारी उत्साह है सभी की कोशिश पहले जलाभिषेक करने की है शिक्षा नगरी रुड़की में सिविल लाइंस ,रामनगर खंजरपुर ,ढंडेरा ,रामपुर गणेशपुर आदि क्षेत्रों के शिव मंदिरों पर जलाभिषेक करने के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमडती है। इसके अलावा भगवानपुर, मंगलोर ,लंढौरा, नारसन इकबालपुर, झबरेडा, इमलीखेड़ा, धनोरी, गढ़मीरपुर, बहादराबाद लक्सर ,खानपुर, चौल्ली,खुब्बनपुर, चुड़ियाला हर जगह के शिवालयों पर श्रद्धालु जलाभिषेक करेंगे।

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