500 करोड के घोटाले का जहर पी गई सरकार

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विधानसभा में सरकार पर हल्ला बोलेगी कांग्रेस
पूर्व कुमांऊ कमीशनर को हटाने पर इंदिरा नाराज
उधमसिंहनगर। उत्तराखण्ड में हुए एनएच-74 का घोटाला त्रिवेन्द्र सरकार के लिए गले की फांस बनता जा रहा है। घोटाले का खुलासा करने वाले पूर्व कुमांऊ कमीशनर को हटाये जाने पर कांग्रेस ने सरकार को कटघरे में खडा किया है। इसी के चलते रूद्रपुर में कांग्रेसी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ चिलचिलाती धूप में सडकों पर रैली निकालकर धरना दिया और साफ आरोप लगाया कि त्रिवेन्द्र सरकार पांच सौ करोड के घोटाले का जहर कुछ बडे लोगों को बचाने के लिए पी लिया। जिसे कांग्रेस किसी भी कीमत पर सहन नहीं करेगी और सीबीआई जांच न होने तक वह खामोश नहंी बैठेगी तथा सरकार को दहाडते हुए अल्टीमेटम दिया कि विधानसभा सत्र में अगर सरकार ने इस मामले में जवाब न दिया तो संसदीय इतिहास में पहली बार सभी विधायक धरने पर बैठेंगे। कांग्रेस ने जिस तरह से एनएच-74 के घोटाले को लेकर सरकार पर सीबीआई जांच को लेकर हल्ला बोला है उससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि आने वाले समय में सरकार के लिए यह घोटाला उसके लिए सबसे बडा सिरदर्द बन जायेगा।

हैरानी वाली बात है कि जो भाजपा विधानसभा के चुनावों से पूर्व विपक्ष में बैठी थी और इसी एनएच 74 के घोटाले की सीबीआई जांच की मांग कर, तत्कालीन सीएम हरीश रावत पर जमकर आरोप के बाण चला उनके दामन को दागदार कर रही थी लेकिन आज जब वो प्रचंण बहुमत से सत्ता की कुर्सी पर काबिज है तो साहब अब इस घोटाले की जांच सीबीआई से न करा के राज्य की एजेन्सी से कराने की बात को कह रहे है जो प्रदेश की आवाम के गले नहीं उतर रही है आखिर ऐसा क्या हो गया तो कल तक विपक्ष में बैठ चिल्ला चिल्लाकर सीबीआई जांच की मांग करते नहीं थक रहे थे तो साहब सत्ता की कुर्सी पर काबिज होते ही ऐसा क्या हो गया जो अपनी ही मांग को छोडऩा पड़ा ? आज उसी एनएच74 के घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर कांग्रेस के आला नेताओं ने त्रिवन्द्र रावत सरकार के खिलाफ खुब हल्ला बोला। एनएच 74 के चौड़ीकरण में हुये कई सौ करोड़ो के घोटाले की सीबीआई जांच की मांग को लेकर आज जनपद के जिलामुख्यालय रूद्रपुर में स्थित डीएम कार्यालय पर कांग्रेसियों ने जोरदार प्रदर्शन कर जमकर भाजपा के दामन पर जमकर शब्दों के दाग लगाये और खुब हंगामा किया। प्रदर्शन में जनपद भर के कांग्रेसी एकत्र हुये तो वहीं प्रदेश की दिग्गज नेत्री और नेता प्रतिपक्ष डा. इन्द्रिरा हृदयेश भी पहुंची और केन्द्र सरकार से लेकर राज्य सरकार पर जमकर हमला बोला। नेता विपक्ष ने बुलन्द आवाज में हुंकार भरते हुये कहा कि जो एनएच 74 का घोटाला 5०० करोड़ का घोटाला है और जिस जांच अधिकारी ने इस पूरे घोटाले से पर्दा उठाया और 374 करोड़ के घोटाले का पता लगाया लेकिन आज उसी त्रिवेन्द्र रावत की सरकार ने उस अधिकारी कुमाउ कमीशनर को जांच पूरी किये बगैर ही पद से हटाना भाजपा की मंषा को साफ करता है, उन्होंने कहा कि केन्द्रिय मंत्री द्वारा एक पत्र आता है जिसमें लिखा है कि अगर सीबीआई जांच होगी तो इससे अधिकारियों का मनोबल टुटता है और जांच को दबाने के लिये अधिकारी बदल दिये गये है। डा. इन्द्रिरा ने कहा कि वो ऐसे ही चुप बैठने वाले नहीं है सड़क से लेकर सदन तक इस पूरे मामले को उठाया जायेगा और प्रदेश की जनता को भी इस बात का तो पता चले की आखिर भाजपा ने 5०० करोड़ के घोटाले को दबाने के लिये क्या खेल खेला है। केन्द्र सरकार ने सीबीआई की जांच को मना कर दिया जोकि बेहद ही शर्म की बात है, उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता को इस बात का पूरा पता चलना चाहिये कि भाजपा ने 5०० करोड़ रू के घोटाले का जहर इस लिये पी लिया क्योंकि उसमें बड़े नाम सामने आ रहे थे लेकिन वो चुप नहीं रहेंगी और अगर इस पूरे घोटाले की सीबीआई जांच नहीं हुई तो आने वाली आठ तारिख को उत्तराखण्ड़ के इतिहास में पहली बार ऐसा होगा जब हाउस में विधायक गण धरने पर बैठेंगे।
खैर अब ये तो साफ होग या है कि आने वाले कुछ दिनों में जहां एक ओर गर्मी का तापमान बढ़ता जा रहा है तो वहीं सियायात का तापमान भी आसमां छुता दिखाई दे रहा है और त्रिवेन्द्र सरकार को घेरने के लिये जिस तरह से विपक्ष ने हल्ला बोला है उसको देख सरकार सवालों के भवर में फसती दिखाई दे रही है। वहीं दूसरी ओर कांग्रेसियों ने पीएम को भी एक पत्र भेजा है जिसमें एनएच 74 के घोटाले की सीबीआई जांच की मांग की गयी है, पत्र में लिखा है कि जनपद यूएस नगर में एनएच74 के चौड़ीकरण में जमीन अधिग्रहण करने का कार्य किया गया जिसमें भुगतान को लेकर जनपद के अधिकारी, सफेदपोश व भूमाफियाओं ने अपनी सक्रियता दिखाई और करोड़ो रू का भुगताप हड़पने का खेल कर दिया, जिसकी जांच कुमाउ कमीशनर के द्वारा की गई और अब तक की जांच में 3०० करोड़ रू का घोटाला उजागर हो चुका है। जंाच में अबतक 6 पीसीएस अधिकारी दोशी पाये गये है एंव उनके विरूद्ध जिलाधिकारी उधमसिंह नगर के आदेश पर एफआईआर भी दर्ज की जा चुकी है। पत्र में कहा गया कि निर्माण कार्य केन्द्र सरकार के पैसों से हुआ है और केन्द्र के धन की जमकर बंठकर बाट हुई और इस पूरे मामले की सीबीआई जांच होनी चाहिये।

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