एनएच घोटाले की हर हाल में होगी सीबीआई जांच

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अल्मोड़ा। केंद्र सरकार की तीन साल के उपलब्धियों का व्याख्यान करते हुए नैनीताल के सांसद भगत सिंह कोश्यारी ने प्रेस को लगातार प्रधान मंत्री के कार्यो और बढ़ती उबलब्धियों की जानकारी दी। कोशियारी ने सरकार का विदेशो में भी नाम होने की बात कही। योग दिवस के द्वारा भारत का नाम सारे विश्व में हुआ है। सरकार ने जी०एस०टी० को व्यपारियो के लिए अच्छी योजना बताया। कोश्यारी ने कहा कि सरकार ने भ्रष्टाचार को बहुत हद तक रोका है पर अधिकारियो के अंदर भ्रष्टाचार बहुत भरा होने के कारण इसे निकलने में समय लग रहा है। जनधन योजना में 28 करोड़ से ज्यादा लोगो ने खाते खोल कर उसमें 65 हजार करोड़ रूपये जमा कर योजना को सफल बनाया है। सरकार ने 18 हजार गांवो में से लगभग 14 हजार के गांवो में बिजली पहुचने का काम किया है। बाकी गांवो में 2०18 तक हर हाल में बिजली पहुचने का लक्ष्य है।
कोश्यारी के अनुसार पहाड़ो में एन.एच. का जाल बना कर केंद्र सरकार पहाड़ो को पूरे देश से जोडऩे का काम कर रही है। जहाँ पहली सरकार 1० साल में 2 किलो मीटर ही रोड बना पाती थी। हम वहाँ आज 22 किलों मीटर रोड का काम कर रहे है। 2०19 तक हर घर में शौचालय बनाने का और 2०22 तक हर व्यक्ति को घर देने का मोदी जी का लक्ष्य है।
भगत सिंह कोश्यारी से जब पत्रकारों ने एन.एच. घोटाले की बात कही तो उन्होंने अपनी ही सरकार के मंत्रियो के बयान के विपरीत बयान देते हुए यह कह दिया की एन एच घोटाले की सीबीआई जांच तो हर हाल में होगी और जो भी बड़े नेताओं का नाम है जांच में वो सब खुद छोटे हो जाएंगे।
माओवाद पर भी कोश्यारी सरकार के बयान के खिलाफ दिखे उन्होंने पहाड़ो में माओवाद नही होने की बात कर दी और बोले कि पोस्टर लगाने और दीवारों पर लिखने से कोई माओवादी नही होता। हल्द्वानी अल्मोड़ा एन.एच. में नदी में मालवा डालने और बिना अनुमति के क्रेशर लगाने पर उल्टा जिलाधिकारी को उनके काम का हवाला देते हुए कह गए कि उन्हें अपने पद का पता नही होगा और कार्यवाही करने की बात पर वो कुछ नही बोलते दिखे और जिलाधिकारी के ऊपर ही बात करते रहे।
पहाड़ो पर बड़े उद्योगों के मुद्दे पर बड़े उद्योग नही लगने की बात कहते हुए उन्होंने यहाँ तक कह दिया कि बाटा जैसी बड़ी कम्पनी तो छोटे उद्योगों के लोगो से जूते लेकर अपना नाम लगा देती है।
जहाँ मोदी सरकार आज बड़े बड़े वादों की बात कर रही है वही बीजेपी के सांसद का इस तरह का बयान क्या शोभा देता है? पत्रकारों के सवालो पर कोश्यारी जी इतना आग बबूला हो गए की उन्हें सदन में विपक्ष की तरह के तेवर का होने का तक कह गए। यही नही जहाँ सरकार आज माओवाद को रोकने के लिए अपनी पूरी ताकत को झोंकने में लग गई है। उन्होंने इसे कुछ नही है कह कर सरकार और हो रहे माओवादियो की गतिविधियों को एक मजाक का रूप दे दिया है।
न्यायलय और प्रधानमंत्री जहाँ नदियों को माता का दर्जा दे रहे है वही उनके संासद को नदी में गिरता मालवा तक नही नजर आ रहा है। क्या एक सांसद का इस तरह का बयान शोभा देने वाला है? पहाड़ो में रोजगार के लिए जहाँ लगातार केंद्र सरकार पहल कर रही है वही इन्होंने पहाड़ो में बड़े उद्योग न लगने की बात कह कर कोश्यारी ने जनता को निराश किया है। पढ़े लिखे युवाओ के लिए सरकार की कोई योजना पहाड़ो में नजार नही आ रही है।
जहाँ सरकार आज सभी अधिकारियो और लोगो को भीम ऐप्प से काम करने की बाते कर रही है। संसद महोदय ने इसे स्वयं के द्वारा इसका इस्तेमाल नही करने की बात कह कर एक और सवाल खड़ा कर दिया है कि जहाँ सरकार के सांसद ही जब इस ऐप्प का प्रयोग नही कर रहे है तो फिर जनता पर इसको क्यों थोपा जा रहा है?
उत्तराखंड सरकार और केंद्र सरकार के मंत्रियो के बयान के अनुसार एन एच घोटाले के सीबीआई जांच न करने की बात पर संसद महोदय का हर हाल में जांच की बात कहना एक और सवाल खड़ा करती है? क्या सरकार और उनके सांसदों के बीच योजनाओं को लेकर कोई सामन्जस्य नही है? प्रेस में रवि रौतेला, महेश नयाल, संजय जोशी, मनोज जोशी, रमेश बहुगुणा, विपिन भट्ट आदि कार्यकार्ता मौजूद थे।

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