” नीली परियों” का धंधा शबाब पर

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ऋषिकेश अमित सूरी-नीली परियों का गौरख धंधा इन दिनो तीर्थ नगरी की पहचान माने जाने वाले राम झूला एवं लक्ष्मण झूला क्षेत्र मे खूब फल फूल रहा है।क्षेत्र के लाँज एवं होटल दुँनिया के सबसे पुराने धंधे के लिए ऐशगाह साबित हो रहे हैं।
उत्तराखण्ड मे शराब को लेकर भले ही कोहराम मचा हुआ हो लेकिन शबाब के धंधे मे कहीं से कोई कमि देखने को नही मिल रही है।राजधानी देहरादून सहित कुम्भ नगरी हरिद्वार एवं शिक्षा नगरी के लिए समूचे देश मे अपनी पहचान रखने वाले रूड़की शहर मे देह व्यापार के गौरख धंधे के तार राजनेताओ से लेकर सफेदपोश लोगों से जुड़ते रहे हैं।तीर्थ नगरी ऋषिकेश की बात करे तो पिछले कुछ वर्षो मे यहाँ बदनाम गलियों के नजारे पुलिस की लुका छिपी के बीच दिखते रहे हैं।ऋषिकेश मे होटल व्यवसाए मे आई जोरदार गिरावट के बाद पुराने बस अड्डे रोड़ स्थित कुछ होटलो सहित विभिन्न लाँज एवं धर्मशालाओ मे देह व्यापार का धंधा संचालित होने की जानकारियाँ पूर्व के वर्षो मे मिलती रही हैं।यह दीगर बात है कि पुलिस प्रशासन के सुस्त रवैय्ये की वजह से यहाँ कभी भी कोई बड़े सेक्स रैकेट का खुलासा नही हो सका।इन सबके बीच राम झूला एवं लक्ष्मण झूला क्षेत्र मे इन दिनो सक्रिय रूप से सैक्स रैकेट चलने की जानकारी संज्ञान मे आई है।सूत्रो की माने तो क्षेत्र के कुछ लाँज एवं होटल संचालको की मिली भगत से क्षेत्र मे देह व्यापार का धंधा चल रहा है ,जिसमे कुछ रसूखदार लोगों की मिली भगत भी बताई जा रही है।जानकारी तो यहाँ तक मिली है कि गुप्त कोड के जरिए देहरादून सहित कुछ अन्य शहरो से इस बदनाम पेशे से जुड़ी युवतियों को ग्राहकों की फरमाईशो अनुसार उन्हें डिंमाड पर बुलाया जा रहा है।पुलिस की आखों मे धूल झोकने के लिए देह व्यापार के गौरख धंधे से जुड़ी युवतियां हाथों मे चूड़ा और आखों मे बड़े बड़े चश्मे चड़ाकर इस अंदाज मे होटल एवं लाँज मे दाखिल होती हैं जेसे कोई पर्यटक हों।बेहराल इन सबके बीच पुलिस प्रशासन क्षेत्र मे पनप रहे नीली परियों के कारोबार से पूरी तरह से बेखबर नजर आ रहा है।जबकि सूत्रो का कहना है कि पिछले काफी अर्से से पुलिस की आखों मे धूल झोकंकर गर्म गोश्त का काला कारोबार क्षेत्र मे चल रहा है।ऐसे मे बड़ा सवाल यही है कि पुलिस प्रशासन इस संवेदनशील मामले को लेकर कुम्भकर्णी नींद मे क्यूँ है।

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