शीफूजी बेनकाब!

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देश में किसी भी बात की जांच पड़ताल किये बिना आँखे बंद करके बहुत जल्दी विश्वास कर लिया जाता है। अक्सर ये सब कम पढ़े लिखे समाज के लोगो में देखा जाता है पर एक ऐसा व्यक्ति भी है जो कई बड़े अधिकारीयों के साथ ही मीडिया और पूरे देश का बेवकूफ बनाता रहा। और वो व्यक्ति है शौर्य भरद्वाज उर्फ शीफूजी। शीफू एक ऐसा व्यक्ति है जिसका देश की सेना से कोई संबंध नहीं है फिर भी शीफू को देश के कई बड़े न्यूज चौंनलों ने आर्मी का एक रिटायर्ड कमांडो ट्रेनर बताकर पूरे देश की जनता को झूठी खबरे दिखाई क्योकि खुद चौंनलों को भी उसकी पूरी सच्चाई नहीं पता थी। वही मुंबई के एक प्रसिद्ध अखबार के इंटरव्यू में सिफुजी ने बता की उसने सेना को अपने जीवन के 28 साल दिए है। जिंसके बाद उसकी सच्चाई सामने लाये अहमदाबाद(गुजरात) के एक लैक्चरर अभिषेक शुक्ला। अभिषेक उत्तराखण्ड के कर्नल कोठियाल को अपना आदर्श मानते है जो हर वर्ष सेना में भर्ती होने वाले बच्चो को निःशुल्क शिक्षा प्रदान करते है। अभिषेक ने हमे जानकारी देते हुए बताया कि आखिर शीफूजी का प्रकरण कैसे शुरू हुआ।
कुछ समय पूर्व जेएनयू में राष्ट्रीय विरोधी नारे लगाने की घटना हुई थी और देश भर में ये चर्चा का विषय बन चुका था। लोगो के दिलो में इस बात को लेकर दुख भी था और नाराजगी भी। उसी समय अचानक एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें एक व्यक्ति सैन्य अधिकारी की तरह बाल, घुमावदार मूंछें, ऊंची आवाज और सीने पर पैराकमांडो का मारकोस और बलिदान बैच लगाकर सोशल मीडिया पर देश की जनता के सामने आया। और वो था सिफुजी। सिफुजी ने अपनी प्रोफाइल में सैन्य अधिकारी की यूनिफार्म की कई तस्वीरें डाली हुई थी साथ ही गूगल में भी खुद को प्रचारित प्रसारित करने के लिए कई तस्वीरें डाली थी। लेकिन जिस भाषा का प्रयोग सिफुजी करता था उससे अभिषेक को थोड़ा सके हुआ की आखिर कोई सैन्य अधिकारी ऐसी भाषा का प्रयोग कैसे कर सकता है क्योंकि कोई भी अधिकारी या पूर्व सैनिक कभी भी सार्वजनिक मंच या सोशल मीडिया पर इस तरह की भाषा का प्रयोग नहीं करते। अभिषेक को शक था कि शायद सिफुजी ने एलओसी, बॉर्डर या इसी तरह की कोई अन्य फिल्म देखकर सेना की ये सब जानकारी मिली हो। क्योकि सिफुजी एक एक्टर भी है जिसने बागी फिल्म में एक्टिंग भी की थी और टाइगर श्रॉफ कोे मार्शल आर्ट भी सिखाई थी और अब ये सेना के नाम से यूट्यूब पर पैसा कमाता है, यही इसका असली पेशा है। अचानक हुई सर्जिकल स्ट्राइक के बाद सिफुजी का एक और वीडियो आता है जिसमे वो सर्जिकल स्ट्राइक के बारे में कुछ सामान्य जानकारियां देता है जैसे की वो खुद उस समय सर्जिकल स्ट्राइक में मौजूद रहा हो या किसी तरह से जुडा रहा हो या फिर उसने ही सेना को प्रशिक्षण दिया हो। और ये सब चौकाने वाला था क्योंकि रक्षा मंत्रालय और कुछ खास विभागों के अलावा कोई भी इस तरह से जानकारियां सार्वजानिक नहीं कर सकता।
अभिषेक ने देश की सुरक्षा को मद्देनजर रखते हुए कई सैन्य अधिकारियों से पूछताछ की और शक होने पर अंत में मुम्बई के एक पुलिस स्टेशन इसकी शिकायत दर्ज कराई और देश की सुरक्षा से सम्बंधित सभी मंत्रालयों में भी तत्काल सूचना दी। इसी बीच खुद को चर्चा में लाने के लिए वह एक न्यूज चौनल में सर्जिकल स्ट्राइक सम्बंधित बहस में रहा जिसमें जनरल बक्शी भी बहस में मौजूद थे। जहा चौनल ने सिफुजी को रक्षा विशेषज्ञ के रूप में दर्शकों के आगे उसका परिचय कराया। इस बात से अभिषेक को बहुत दुख हुआ जिंसके बाद अभिषेक ने जनरल बक्शी से मुलाकात कर सिफुजी के बारे में पूछा और और उन्होंने इस बात की जानकारी होने से मना कर दिया। इसके बाद अभिषेक ने सिफुजी को बहस में शामिल करने वाले दोनों चौनलों के खिलाफ सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय में शिकायत दर्ज कराई जिसमें एक फर्जी कमांडो ट्रेनर और सैन्य अधिकारी को बहस का हिस्सा बनाया जो की गलत था और देश की सुरक्षा से जुड़ा बहुत महत्वपूर्ण मुद्दा था। अभिषेक की शिकायत पर सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय ने दोनों न्यूज चौनलों को तलब कर दंडित भी किया। अभिषेक ने यूट्यूब वीडियो के माध्यम से शिफुजी सेे कई सवाल पूछे थे जो कि कृपया जानकारी दे जिससे सच्चाई सामने आ सके। पर उन्हें ये नहीं पता था कि यह सवाल किसी नकली सैन्य अधिकारी को बेनकाब कर सकते है जो अपने नकली दावों पर सोशल मीडिया के माध्यम से सार्वजनिक पहचान बन गया। लेकिन हैरानी की बात ये है कि देश के कानून में इस तरह की हरकतें करने वालो के खिलाफ अब तक कोई कानून नहीं है पर इस घटना के बाद से कानून में संशोधन होने की उम्मीद जताई जा रही है। शिफुजी ने अभिषेक को गंभीर दुष्परिणामों के साथ ही धमकी देकर मेरे मुंह बंद कराना चाहा। लेकिन एक सच्चा भारतीय होने के नाते वे निडर होकर आगे की कार्यवाही कारते रहे। सिफुजी ने उन्हें मानहानि नोटिस भी भेजा। लेकिन आरटीआई में सिफुजी की सच्चाई सामने आ चुकी थी। सिफुजी यह भी दावा करता था कि वह मध्य प्रदेश राज्य का ब्रांड एंबेसडर है जो की नकली दावा साबित हुआ और मध्य प्रदेश सरकार ने भी इस बात से इनकार कर दिया। हाल ही में भारतीय नौसेना ने उन्हें शिफुजी के बारे में स्पष्टीकरण भेजा है कि उन्होंने सेना को प्रशिक्षित नहीं किया भारतीय थल सेना और भारतीय वायु सेना के जवाब भी जल्द ही मिलने वाले है। गृह मंत्रालय ने कार्यवाई करने के लिए महाराष्ट्र सरकार के मुख्य सचिव को सूचित किया और उन्हें भी सूचित किया अब महाराष्ट्र सरकार उसके खिलाफ कार्यवाही कर रही है। वर्तमान में महाराष्ट्र के कानून एवं व्यवस्था प्रभारी श्री देवेन भारती इसकी समीक्षा कर रहे हैं और जांच को आगे बढ़ा रहे हैं। अभिषेक के लगातार कार्यवाही करने के बाद उसने इंटरनेट से अपने वो सभी वीडियो और वेबसाइट हटा दी जिसमे वो कमांडो होने का दावा करता था। साथ ही उसको मजबूरन एक वीडियो में ये भी सफाई देनी पड़ी की वो सेना में नही था और उसने कभी कमांडो को ट्रेनिंग नही दी है। हालांकि अभिषेक शुक्ल ने उनके सभी पुराने वीडियो और दीपक दुबे, उर्फ ग्रन्ड मास्टर सिफू जी शौर्य भारद्वाज, पेशे से एक्टर, यूटूबर है और मार्शल आर्ट सिखाता है। अभिषेक शुक्ल के लगातार दबाब में आने के बाद उसने इंटरनेट से अपने वो सही वीडियो और वेबसाइट हटा ली जिसमे वो कमांडो होने का दावा करता था। साथ ही उसको मजबूरन एक वीडियो में ये सफाई भी देनी पड़ी की वो सेना से नही है और उसने कभी कमांडो को ट्रेनिंग नही दी। हालांकि अभिषेक ने उसके सभी पुराने वीडियो और वेबसाइट का बैकअप अपने पास रखा है।अभिषेक ने बताया कि उनकी टीम के सदस्य मित्सु, मयूर शेलार, हिरालाल पटेल ने इस सच्चाई को आगे लाने में उनकी बहुत मदद की है।

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